Kaabe ke Badr-ud-Duja tum pe karoron durood
काबे के बद्रुद्दुजा तुम पे करोड़ों दुरूदतैबा के शम्सुद्दुहा तुम पे करोड़ों दुरूद शाफ़े रोज़े जज़ा तुम पे करोड़ों दुरूददाफ़े जुम्ला बला तुम पे करोड़ों दुरूद जान-ओ-दिल-ए-अस्फिया तुम पे करोड़ों दुरूदआब-ओ-गिल-ए-अंबिया तुम पे करोड़ों दुरूद लाएँ तो ये दूसरा, दौसरा जिस को मिलाकौशक-ए-अर्श-ओ-दना तुम पे करोड़ों दुरूद और कोई ग़ैब क्या तुम से निहाँ हो … Read more