Farishtay Jis Kay Zaa’ir Hain Madinay Main Woh Turbat Hay Naat Lyrics
Farishtay Jis Kay Zaa’ir Hain Madinay Main Woh Turbat Hay Naat Lyrics फ़रिश्ते जिस के ज़ाइर हैं, मदीने में वो तुर्बत है ये वो तुर्बत है जिस को ‘अर्श-ए-आ’ज़म पर फ़ज़ीलत है भला ! दश्त-ए-मदीना से चमन को कोई निस्बत है मदीने की फ़ज़ा रश्क-ए-बहार-ए-बाग़-ए-जन्नत है मदीना गर सलामत है तो फिर सब कुछ सलामत … Read more