JAB GUMBAD-E-KHIZRA PE WOH PEHLI NAZAR GAYI

JAB GUMBAD-E-KHIZRA PE WOH PEHLI NAZAR GAYI AANKHON KE RAASTAY MERE DIL MEIN UTTAR GAYI SAR KHAM THA LAB KHAMOOSH THAY AANKHEIN THEIN ASHKBAAR IK SA’AT-E-BEDAAR THEI JOU KE GUZAR GAYI DIL BHI HAI SHAD SHAD, TABIYAT HAI PUR BAHAR, LAGTA HAI AAJ MERI MADINAY KHABAR GAI. BARSI THEI ISS QADAR KE NAHA SA GAYA … Read more

YA NABI NAZRE KARAM FARMANA

या नबी ! नज़र-ए-करम फ़रमाना ऐ हसनैन के नाना ! ऐ हसनैन के नाना ! ज़हरा पाक के सदक़े हम को तयबा में बुलवाना ऐ हसनैन के नाना ! ऐ हसनैन के नाना ! तयबा नगर के चँदा ! मोरी क़िस्मत को चमकाओ कब से नैना तरस रहे हैं, सूरत तो दिखलाओ दोनों जगत के … Read more

AB TO BAS EK HI DHUN HAI KE MADINA DEKHUN – NAAT LYRICS

AB TO BAS EK HI DHUN HAI KE MADINA DEKHUN – NAAT LYRICS AAKHRI LAMHON MEIN KYA SHEHR O BIYABAAN DEKHUN AB TOH BAS EK HI DHUN HAI KE MADEENA DEKHUN   ROO BA ROO RAUZA E SARKAR KE HO MEHFIL E NAAT KAASH TAIBA HASEEN AYESA ZAMANA DEKHUN   SAAIL E DAR KO SHAHINSHA … Read more

Tu kuja man kuja

तू कुजा मन कुजा   तू अमीर इ हरम मैं फ़क़ीर इ अज़म तेरे गुन और यह लब मैं तलब ही तलब तू अता ही अता मैं खता ही खता तू कुजा मन कुजा   इल्हाम जामा है तेरा कुरान इमाम है तेरा मिम्बर तेरा अर्शे बरी या रेहमतुल्लिल आलमीन तू कुजा मन कुजा   … Read more

Me sojavu ya Mustafa kahte kahte

  میں سو جاؤں یا مصطفٰی کہتے کہتے کھلےآنکھ صلی علیٰ کہتے کہتے میں والیل پڑھنے لگا بے خودی میں تیری زلف کا ماجرا کہتے کہتے قیامت میں جب میں نے حضرت کو دیکھا تڑپنے لگا والضحیٰ کہتے کہتے نبی کی زیارت مد ینے میں ھو گی مد نیے یہی چل دیا کہتے کہتے ہزارو … Read more

MUJ PE BHI CHASME KARAM MERE AQA KARNA

मुझ पे भी चश्मे करम ए मेरे आका करना हक तो मेरा भी है रेहमत का तकाजा करना मैं के जर्रा हूं मुझे वुसअते सहरा दे दे के तेरे बस में है कतरे को भी दरिया करना मैं हूं बेकस है तेरा काम सहारा देना मैं हूं बीमार तेरा काम है अच्छा करना चांद की … Read more

दिल की दुनिया को सजाओ आक़ा / Dil Ki Duniya Ko Sajao Aaqa

दिल की दुनिया को सजाओ आक़ा / Dil Ki Duniya Ko Sajao Aaqa दिल की दुनिया को सजाओ, आक़ा ! अपनी उल्फ़त में जिलाओ, आक़ा ! हुब्ब-ए-दुनिया से बचाना मुझ को मुझ को अपना ही बनाओ, आक़ा ! शौक़-ए-दीदार में सोऊँ जिस शब अपना दीदार कराओ, आक़ा ! फ़िक्र-ए-दुनिया में न आँसू निकले अपनी उल्फ़त … Read more

Kabe ke badrud ja tum pe karori durood

काबे के बदरुद्दुजा तुम पे करोरों दुरूद / Kabe Ke Badrudduja Tum Pe Karoron Durood का’बे के बदरुद्दुजा ! तुम पे करोरों दुरूद तयबा के शम्सुद्दुहा ! तुम पे करोरों दुरूद शाफ़े’-ए-रोज़-ए-जज़ा ! तुम पे करोरों दुरूद दाफ़े’-ए-जुम्ला-बला ! तुम पे करोरों दुरूद और कोई ग़ैब क्या तुम से निहाँ हो भला जब न ख़ुदा … Read more